शनिवार, 1 दिसंबर 2012

कहाँ गयी आरम्भ की सीढ़ियाँ

मित्रों,
मैं जिस दिन विद्यालय जाता हूँ , उस दिन बरेली से मिलक की यात्रा करता हूँ ।  मार्ग में एक स्थान पड‌ता है - फतेहगंज वहाँ का एक रूचिकर चित्र यहाँ चिपका रहा हूँ । आप लोग इस चित्र को देखेंगे तो पायेंगे कि इसमें सीढियाँ समाप्त तो हो रही हैं ,परंतु आरंभ..................
आप लोग इस चित्र को देखकर एक शीर्षक दीजिये ।

शीर्षक देते स्मरण रखियेगा कि शीर्षक कच्ची पोई वाला होना चाहिये (अर्थात् हँसोड़) । 

 

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